बच्चों के प्रति सेक्‍शुअली अट्रैक्‍टेड हो रहे हैं यूके के लोग

लंदन। यूके के 7.50 लाख पुरूष बच्‍चों से सेक्‍स करना चाहते हैं और इस मामले में सरकार को भी चेतावनी दे दी गई है। यूके की नेशनल क्राइम एजेंसी द्वारा जारी आंकड़ों में इस चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 35 युवा पुरूषों में से एक की चाइल्‍ड एब्‍यूसर होने की संभावना है।

भयानक रूप से लगभग 2.50 लाख पुरूष, रोमिल बच्‍चों के प्रति सेक्‍शुअली अट्रैक्‍टेड हो सकते हैं। एक अंग्रेजी वेबसाइट के अनुसार, नेशन क्राइम एजेंसी के डिप्‍टी डायरेक्‍टर जनरल फिल गॉर्मेली बताते हैं कि हम बड़े पैमाने पर वा‍स्‍तविक आंकड़े पाने के लिए कोशिश कर रहे हैं।' फिल के अनुसार पीडोफिल्‍स की असलियत यह है कि हम उनके आसपास ही रह रहें हैं।

बच्‍चों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से एक नई कोशिश की वकालत करते हुए फिल कहते हैं कि हमें बच्‍चों को शिकार बनने से पहले ही ऐसे लोगों को पकड़कर बंद कर देंना होगा। नई कोशिशों में यह भी शामिल है कि ऐसा सिस्‍टम डेवलप किया जाए जो बच्‍चों को सोशल नेटवर्किंग साइट पर साथी के रूप में मिलने वाले ऐसे लोगों से बचने के लिए अलर्ट करे।

यह सॉफ्टवेयर दूसरे यूजर्स के इंटरनेट पर व्‍यवहार को देख कर फिर बच्‍चों को अलर्ट करेगा। कई वरिष्‍ठ पुलिस अधिकारी, नेता और सोशल वर्कर इस बात पर चर्चा करने के पक्ष में हैं कि पीडोफिल्‍स बच्‍चों को कोई नुकसान पहुंचाए उससे पहले उन्‍हें सहायता लेने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। खबर के अनुसार यूके के यह आंकड़ें ऐकेडमिक रिसर्च और उपलब्‍ध संख्‍या से प्राप्‍त किए गए हैं जो इस बात की तरफ इशारा करते हैं 1-3 प्रतिशत पुरूषों में पीडो‍फि‍लिक प्रवृत्ति होती है।

पीडोफिल लोगों से डील कर रहे एक एक्‍सपर्ट के अनुसार सभी पुरूष अपनी इच्‍छाओं पर प्रत‍िक्रिया नहीं करते जबकि ऐसे कुछ ही लोग हैं जो इन्‍हें दबाकर नहीं रख पाते और उन्‍हें मदद की जरूरत होती है। दूसरी तरफ एनएसपीसीसी के अनुसार आंकड़ें चौकानें वाले हैं लेकिन फिर भी संभावित चाइल्‍ड एब्‍यूजर्स को कम आंक सकते हैं। चै‍रि‍टी के अनुसार 12 में से एक बच्‍चा चाइल्‍ड एब्‍यूज का‍ शिकार हुआ है।

सिर्फ पिछले साल ही ब्रिटेन में बच्‍चों की अवैध तस्‍वीरें सर्च करने पर 3 लाख बार चेतावनी सामने आई थी। ब्रिटेन में चाइल्‍ड एब्‍यूज को लेकर सरकार इतनी ज्‍यादा चिंतित है कि ब्रिटेन के इतिहास में पहली बार विशेषतौर पर इसे रोकने के लिए एक मंत्री बनाया गया है। एनसीए और पुलिस संभावित ऑनलाइन एब्‍यूजर्स की खोज में भी अपने कदम बढ़ा रही है।

पिछले सप्‍ताह एनएसपीसीसी ने आंकड़ें जारी किए हैं और उनका कहना है कि उत्‍पीड़न के शिकार बच्‍चों की संख्‍या में तेजी से वृद्धि हुई है और इनमें ज्‍यादातर 12 से 16 वर्ष की उम्र के बीच के हैं। चाइल्‍ड एब्‍यूज को रोकने के विशेषतौर पर मंत्री बनाई गई कैरन ब्रेडली के अनुसार हमने अतिरिक्‍त 10 मिलियन पाउंड इस तरह के अपराधियों को पकड़ने और बच्‍चों की सुरक्षा के लिए प्रस्‍तावित किए हैं।

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