लड़कियों को बेच रहे हैं भूकंप में बर्बाद नेपाली

नेपाल में 25 अप्रैल को आए भूकंप ने आम नेपालियों की कमर ही तोड़कर रख दी है, ना घर बचा ना रोजगार। जमापूंजी भी खत्म हो गई। अब एक एक दाने को मोहताज नेपाली भारत में अपने नाबालिग बच्चों को बेच रहे हैं। अब तक करीब 500 बच्चे बेचे जा चुके हैं जिसमें 12 से 17 साल तक के लड़के और लड़कियां हैं। इन्हे दिल्ली और मुंबई में बेचा गया है। यहां से अपने मालिकों के यहां बंधुआ नौकर की तरह काम करेंगे। स्वभाविक है हर प्रकार का शोषण भी होगा।

मेल टुडे की खबर के मुताबिक, नेपाली बच्चों को भारत के बड़े शहरों में मजदूरी और वेश्यावृत्ति के लिए बेचा जा रहा है. उत्तर प्रदेश खुफिया ब्यूरो के सूत्रों की मानें तो 17 मानव तस्कर बीते डेढ़ महीने में करीब 500 लड़कों और लड़कियों को भारतीय सरहद में लाकर दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में भेज चुके हैं.

एक खुफिया अधिकारी के मुताबिक, 'सबसे ज्यादा मानव तस्करी की घटनाएं उत्तर प्रदेश के बहराइच में हो रही हैं. बहराइच से नेपाल और उत्तर प्रदेश के बीच करीब 110 किलोमीटर का खुला बॉर्डर है. बीते काफी वक्त से ये मानव तस्कर पुलिस के डर से सक्रिय नहीं थे. लेकिन नेपाल भूकंप के बाद मानव तस्कर फिर से सक्रिय हो गए हैं.

अधिकारी ने कहा, 'ये मानव तस्कर भारत में जॉब दिलाने के नाम पर बच्चों के परिवार से सौदा कर उन्हें लाए हैं. तस्करों ने बच्चों के मां-बाप को यह कहते हुए दिलासा दी है कि भूकंप प्रभावित लोगों के लिए भारत सरकार कई योजनाएं चला रही है.'

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