मशहूर गजल गायिका चित्रा सिंह 27 साल बाद एक बार फिर से सुरों की तान छेड़ेंगी

मशहूर गजल गायक स्वर्गीय जगजीत सिंह की पत्नी और अपने वक्त की मशहूर गजल गायिका चित्रा सिंह 27 साल बाद वाराणसी के संकट मोचन मंदिर के मंच से वापसी करेंगी.ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो, भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी, मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन, वो कागज की कश्ती, वो बारिश का पानी’ जगजीत सिंह और चित्रा सिंह की मखमली आवाज में पिरोई गई यह गजल तीन दशक से ज्यादा समय के बाद भी सुनने पर ऐसा लगता है जैसे जगजीत-चित्रा लाइव प्रस्तुति दे रहे हैं।

दिवंगत गजल गायक और संगीतकार जगजीत सिंह की पत्नी चित्रा सिंह 27 साल के लंबे अन्तराल के बाद एक बार फिर से सुरों की गंगा बहाने की तैयारी में हैं। चित्रा सिंह काशी के संकट मोचन संगीत समारोह में लाइव प्रस्तुति देंगी। चित्रा अपने पति जगजीत सिंह को राष्ट्र का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न दिलाने के लिए इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगी। 

अपने जवान बेटे विवेक की मौत के बाद चित्रा की ये पहली बार लाइव प्रस्तुति होगी। चित्रा अपने पति जगजीत के लिए भारत रत्न की मांग पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी से भी कर चुकी हैं। अब चित्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में मौजूद संकटमोचन मंदिर में इस कार्यक्रम में भाग लेकर दोबारा यह मांग रखेंगी। दरअसल साल 1990 में जगजीत और चित्रा के एक मात्र बेटे विवेक की एक कार एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। इस त्रासदी की वजह से चित्रा ने हमेशा के लिये गाना बंद कर दिया था।

बता दें कि साल 1990 में अपने जवान बेटे की एक हादसे में हुई मौत के बाद से चित्रा ने गजल गाना छोड़ दिया था. लेकिन एक बार फिर से वह मंच गायिकी की शुरुआत वाराणसी से कर रही हैं. 15 अप्रैल को संकट मोचन मंदिर में हो रहे संगीत समारोह में वह .

चित्रा सिंह की आवाज को नई पीढ़ी ने नहीं सुना होगा. अब चित्रा सिंह एक बार फिर से लोगों के सामने अपनी गायकी लेकर आएंगी. आयोजकों के मुताबिक चित्रा सिंह का मंच पर आना एक बड़ी बात होगी साथ ही यह भी माना जा रहा है कि चित्रा पति जगजीत सिंह के लिए भारत रत्न की मांग करेंगी. चित्रा काफी लंबे समय से अपने पति मशहूर गजल गायक स्वर्गीय जगजीत सिंह के लिए भारत सरकार से भारत रत्न की मांग कर रही हैं. संकट मोचन मंदिर में 15 से 20 अप्रैल तक संगीत समारोह का आयोजन हो रहा है. ये आयोजन 11 अप्रैल को हनुमान जयंती के पावन मौके से शुरू होगा.

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