An Unsautable Boy किताब की वजह से Karan Johar कानूनी पचड़ों में फंसे

बायोग्राफी 'एन अनसूटेबल ब्वॉय' में करण जौहर ने लिखा है कि उनके पापा के परिवार वाले हलवाई थे. उन्होंने ये भी लिखा कि उनके परिवार में सिर्फ उनके पापा ही सिर्फ पढ़े लिखे थे और अंग्रेजी बोल लेते थे इसलिए उसके पापा सेल्स काउंटर पर बैठते थे. पर कुछ समय बाद उनके पिता ने नौकरी छोड़ दी थी.करण जौहर की बायोग्राफी 'एन अनसूटेबल ब्वॉय' को बहुत पसंद किया जा रहा है और यह किताब रिलीज होते ही बेस्टसेलर बन गई. करण की इस किताब में कई खुलासे सामने आए. एक बार फिर करण अपनी किताब को लेकर सुर्ख‍ियों में हैं. रिपोर्ट के मुताबिक करण जौहर ने अपनी किताब में परिवार के बारे में झूठ लिखा है. अपने पिता के बारे में जो उस किताब में लिखा है वह सिर्फ फिक्शन है फैक्ट नहीं है 

असली रिपोर्ट की अगर बात करें तो करण जौहर के दादा दिल्ली में मिठाई की दुकान से पहले लाहौर में सरकारी विभाग में काम करते थे. करण जौहर के पिता के बड़े भाई वेद प्रकाश जौहर लाहौर के सरकारी कॉलेज से ग्रेजुएट थे और फैज अहमद फैज के साथ मिलकर काम भी किया करते थे. इनके बाद वो पत्रकारिता की डिग्री लेने न्यूयॉर्क गए और फिर आईएएस के पद पर थे. एक चाचा उनके इंडियन आर्मी में थे और उनकी चाची टीचर थी. करण के एक चाचा सिर्फ हलवाई थे जो दिल्ली के कनॉट प्लेस में अपनी एक मिठाई की दुकान और रेस्त्रां चलाते थे. करण की कजिन बहन के पति है और सुप्रीम कोर्ट के वकील राजीव नायर करण के खिलाफ परिवार का नाम खराब करने को लेकर मुकदमा दर्ज करने की सोच रहे हैं.

करण ने होमोफोबिया और सोशल मीडिया पर गालियों का शिकार होने के बारे में भी किताब में लिखा है. 'मैं इस देश में होमोसेक्सुएलिटी का पोस्टर ब्वॉय बन गया हूं. लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग मेरे बारे में क्या कहते हैं. ट्विटर पर मुझे बहुत गालियां पड़ती हैं. मैं रोज तकरीबन 200 ऐसे पोस्ट पढ़ता हूं, जिसमें लिखा रहता है, 'यहां से निकल जाओ, तुम हमारे देश और समाज को गंदा कर रहे हो.' अब मैंने इन सब बातों पर हंसना सीख लिया है.

हालांकि करण ने कभी इस पर खुलकर बात नहीं की. लेकिन अपनी बायोग्राफी 'एन अनसूटेबल ब्वॉय' में करण ने बताया है कि वो होमोसेक्सुअल हैं या नहीं. टाइम्स ऑफ इंडिया ने करण की किताब के कुछ अंश छापे हैं, जिसमें करण ने लिखा है, 'सब जानते हैं मेरी सेक्सुएलिटी क्या है. लेकिन अगर मुझे अपने मुंह से कहना पड़े तो मैं ऐसा नहीं कह सकता. क्योंकि मैं एक ऐसे देश में रहता हूं जहां मुझे ऐसा कहने के कारण शायद जेल भी हो सकती है.
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