ये संकेत बताते हैं कहां छिपा है खजाना

यूं तो जमीन में गढ़े खजाने को ढूंढने के लिए कई वैज्ञानिक उपकरण आ गए हैं फिर भी भारतीय तांत्रिक ग्रन्थों के अनुसार कुछ ऐसे संकेत होते हैं जिन्हें देख कर उस जगह पर गढ़ा धन छिपा होने का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

कौतुक चिन्तामणि में कहा गया है कि जहां की मिट्टी में कमल के फूल जैसी गंध आती है, वहां पर धन-सम्पदा छिपी होती है। इसी प्रकार यदि किसी स्थान विशेष पर बाज, कौआ, बकुला या अन्य बहुत सारे पक्षी बैठते हैं, वहां भी जमीन में धन छिपा होता है।

शास्त्र में कहा गया है कि यदि किसी जगह बहुत सारे पेड़ हो लेकिन उनमें भी किसी एक पेड़ पर ही पक्षी बैठते हों। इसमें भी यदि उस पेड़ पर बाज और कबूतर जैसे एक दूसरे के शत्रु जानवर एक साथ बैठे दिखाई दें तो उस जगह पर निश्चित ही जमीन में धन छिपा होता है।

कौतुक चिन्तामणि में ही लिखा है कि जो भूमि आसपास कोई जल का स्त्रोत नहीं होने पर भी सूखे नहीं बल्कि नम दिखाई दे। साथ ही आस पास किसी काले सर्प के होने की निशानी मिले तो वहां पर जमीन में धन छिपा हुआ होता है।

कैसे प्राप्त करें इस छिपे हुए धन को
इस तरह छिपाकर रखे गए सभी धन के भंडार प्राय: मंत्रों से बांध कर रखे जाते हैं जो सहज ही नहीं मिल सकते। तंत्र शास्त्रों के अनुसार इस तरह के धन को प्राप्त करने के लिए विशेष मंत्रों का प्रयोग कर उस खजाने को उनके अदृश्य रक्षकों से मुक्त करवाना होता है। कई बार इसमें धन के रक्षक प्रेत या आत्मा को बलि भी देनी होती है तो कई बार यह बिना किसी मेहनत के ही मिल जाता है।

खतरनाक होता है ऎसे धन को प्राप्त करना
जमीन में गुप्त रूप से छिपाया गया अक्सर तांत्रिक विधियों से सिद्ध किया जाता है। इसीलिए उसे प्राप्त करने के लिए आदमी को भी मन-मस्तिष्क से उतना ही मजबूत होना चाहिए। यदि वह कहीं भी हिम्मत हार जाता है तो उसकी जान जा सकती है या वह पागल हो सकता है। बेहतर यही होगा कि खुद ऎसे प्रयोग करने के बजाय किसी अनुभवी सिद्ध की शरण लें।


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