IIITM Gwalior में एंटरप्रेन्योरशिप समिट

ग्वालियर. सफल एंटरप्रेन्योर बनने के लिए बिजनेस प्लान सबसे पहले जरूरी है। यही प्लान आपकी सफलता का प्रतिशत तय करता है। स्मार्ट लर्निंग और स्मार्ट प्लानिंग से ही बेहतर एंटरप्रेन्योर बना जा सकता है।

यह विचार शहर के आईटी एंटरप्रेन्योर ने एबीवी ट्रिपल आईटीएम में आयोजित एंटरप्रेन्योरशिप समिट में रखे। दो दिवसीय समिट का समापन सोमवार को हुआ। इस दौरान आईटी एंटरप्रेन्योर ने अपनी सफलता का फंडा शेयर किया।

आईटी एंटरप्रेन्योर ने कहा कि कई बार एंटरप्रेन्योर सारे काम खुद करना चाहते हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। आप जिस फील्ड के एक्सपर्ट हैं वही काम करें और बाकी काम संंबंधित फील्ड के एक्सपर्ट पर छोड़ दें। ऐसा करके सफलता निश्चित है। इस अवसर पर समिट के को-आर्डिनेटर प्रो.अनुराग श्रीवास्तव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान आईटी एंटरप्रेन्योर ने  अपनी सफलता और विजन पर चर्चा की।

ट्रेनिंग में एंटरप्रेन्योर के बारे में जाना, शुरू की कंपनी
शहर के तानसेन नगर में रहने वाली तृप्ति तिवारी भी आईटी एंटरप्रेन्योर हैं। वर्ष 2013 में कम्प्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग करने वाली तृप्ति जब ट्रेनिंग के लिए आईआईटी जैसे संस्थानों में पहुंची तो उन्हें एंटरप्रेन्योर के बारे में ज्यादा जानकारी मिली।

यहीं से उन्हें आईटी के क्षेत्र में एंटरप्रेन्योर बनने का कॉन्सेप्ट मिला। वर्ष 2014 में उन्होंने 20 हजार रुपए की लागत और दो लोगों के साथ क्लाउड ट्रेंस सिस्टम कंपनी की शुरुआत की। आज कंपनी में 10 लोग हैं और इसका सालाना टर्न ओवर 10 लाख रुपए है। तृप्ति का मानना है कि 

एंटरप्रेन्योर बनने के लिए लगन और पेशेंस जरूरी है
कुछ अलग करना था: ग्रैजुएशन के दौरान ही तृप्ति ने कुछ अलग करने का तय कर लिया था। इसके लिए उन्होंने एंटरप्रेन्योर बनने का निर्णय लिया और उन्हें फैमिली का भी पूरा सपोर्ट मिला।

विजन- आईटी के क्षेत्र में ग्वालियर को बेहतर हब बनाना। इसके लिए ग्वालियर के आईटी सोल्यूशर के साथ मिलकर बेहतर काम करना।



Tags

buttons=(Accept !) days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top