कंपनी मालिक ने नाबालिग कर्मचारी से किया रेप, शराब पिलाई और पीटा भी

अहमदाबाद: गुजरात के साणंद जिले में एक 50 वर्षीय मालिक द्वारा 12 साल की लड़की का पांच महीने तक रेप करने और पुलिस द्वारा इस मामले में संवेदनहीनता बरतने का मामला सामने आया है। आरोप है कि लड़की जब शिकायत करने थाने पहुंची तो पुलिसवालों ने उसे भगा दिया। इसके बाद भी जब लड़की केस दर्ज कराने के लिए अड़ी रही तो पुलिसवालों ने उस पर ऐसा न करने का दबाव बनाया। और तो और, दो अस्पतालों पर भी पीड़िता को इलाज के लिए भर्ती करने से इनकार करने का आरोप लगा है।

क्या है मामला 
घटना साणंद जिले के मोतीपुरा गांव में हुई। जिस पर रेप का आरोप है, उसका नाम रमेश योगी है। वह मकरबा में कैटरिंग कंपनी चलाता है। लड़की का कहना है कि वह और उसकी दादी रमेश की कैटरिंग कंपनी में काम करती थी। लड़की के मुताबिक, जनवरी से लेकर अभी तक रमेश ने कई बार उसके साथ रेप किया। योगी पर यह भी आरोप है कि वह लड़की को अपने साथ मुंबई और राजस्थान ले गया। उसने वहां उसे शराब पिलाई और इसके बाद कई बार रेप किया। जब लड़की ने उसके साथ आउट ऑफ स्टेशन जाने से इनकार कर दिया तो वह उसके साथ लोगों के सामने ही मारपीट करने लगा। सूत्रों के मुताबिक, योगी एक प्रभावशाली परिवार से है और राजस्थान का रहने वाला है। उसकी दो पत्नियां, एक बेटी और एक बेटा है। शिकायत दर्ज होने के बाद से वह फरार है।

अस्पतालों ने किया भर्ती करने से इनकार 
सोमवार को पीड़िता के घरवाले उसे साणंद के सरकारी अस्पताल ले गए। लड़की ने पेट और शरीर में दर्द की शिकायत की थी। अस्पताल ने उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके बाद, लड़की को सोला के सरकारी अस्पताल भेजा गया, लेकिन वहां के डॉक्टरों ने भी उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया। दोनों अस्पतालों के बीच 'ज्यूरिडिक्शन' को लेकर काफी बहस हुई और आखिर में साणंद के अस्पताल में लड़की को भर्ती किया गया।

पुलिसवालों ने जाने को कहा: पीड़िता
पीड़िता और उसके घरवाले शुक्रवार और शनिवार को सारखेज पुलिस स्टेशन गए। पुलिसवालों ने न तो उनकी शिकायत दर्ज की और न ही लड़की को जांच और इलाज के लिए अस्पताल भेजा। पीड़िता ने बताया कि पुलिसवालों ने उसे केस दर्ज न कराने के लिए राजी करने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं मानी तो वे नाराज हो गए और जाने को कहा। सोमवार को पुलिस ने उस वक्त केस दर्ज किया, जब मानवाधिकार कार्यकर्ता लक्ष्मण मकवाना और सुरेश जाधव डीसीपी विधि चौधरी के पास पहुंचे। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने ही लड़की को अस्पताल में भर्ती कराने में मदद की।

Rape case of gujrat ,   Motipura village rape case 

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