ब्राह्मण युवक ने मारवाड़ी में लिखी पैगम्बर मुहम्मद साहब की जीवनी

राजस्थान में झुंझुनूं जिले की नवलगढ़ तहसील के गांव कोलसिया के एक हिंदू युवक ने इस्लाम धर्म के पैगम्बर मुहम्मद साहब की जीवनी मारवाड़ी में लिखी है। किताब के लेखक राजीव शर्मा (27) ने बताया कि यह एक ईबुक है जिसका नाम है- पैगम्बर रो पैगाम।

राजीव के मुताबिक पैगम्बर मुहम्मद साहब पर किसी हिंदू द्वारा मारवाड़ी में लिखी गई यह विश्व की संभवतः पहली ईबुक है। किताब लिखने की प्रेरणा के बारे में उन्होंने कहा- जब मैं कोलसिया के राजकीय विद्यालय में 9वीं कक्षा का छात्र था तब घर पर एक निशुल्क लाइब्रेरी भी चलाता था।

इस लाइब्रेरी का नाम गांव का गुरुकुल था। उस समय कई देशों से यहां किताबें और पत्र-पत्रिकाएं आती थीं। लाइब्रेरी में मैंने हिंदू धर्म के अलावा इस्लाम, सिक्ख तथा ईसाई धर्म के महापुरुषों के जीवनी पढ़ी। उनके अध्ययन से पाया कि सभी धर्म अमन, नेकी और भाईचारे की शिक्षा देते हैं।

खासतौर से पैगम्बर मुहम्मद साहब का संपूर्ण जीवन इंसाफ, शांति, भलाई और एकता की मिसाल है। उन्होंने हमेशा उन बातों पर जोर दिया जिससे दुनिया में सच का उजाला कायम रहे। इसलिए मैंने निश्चय किया कि मैं मुहम्मद साहब की जिंदगी से जुड़ी बातों को मारवाड़ी में प्रस्तुत करूंगा।

उन्होंने कहा कि दुनिया में धार्मिक आधार पर बढ़ती हिंसा की अहम वजह यह है कि हम खुद को ही सर्वश्रेष्ठ मानने के अहंकार में इतने ज्यादा आगे चले गए हैं कि भाईचारे और अमन के रास्ते पीछे भूल आए।

हमें उन रास्तों की ओर वापस लौटना होगा, जहां से हम तरक्की की ओर ही नहीं बल्कि एक दूसरे को जानने तथा धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करना भी सीखें। आज किसी को भी धर्म बदलने की जरूरत नहीं है। जरूरत है हिंदू को अच्छा हिंदू बनने तथा मुसलमान को अच्छा मुसलमान बनने की। हमें उन सभी अच्छाइयों का स्वागत करना चाहिए जो किसी भी धर्म या देश में मौजूद हैं।

किताब के संबंध में उन्होंने कहा कि इसे उनकी लाइब्रेरी के ब्लाॅग- गांव का गुरुकुल डाॅट ब्लाॅगस्पाॅट डाॅट काॅम से निशुल्क प्राप्त किया जा सकता है। उनकी यह किताब भारत सहित सऊदी अरब, आॅस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के मीडिया में भी चर्चित हो चुकी है।

गौरतलब है कि राजीव शर्मा इससे पहले हनुमान चालीसा का मारवाड़ी में अनुवाद कर चुके हैं। साथ ही जैन धर्म के उपदेश, अब्राहम लिंकन के ऐतिहासिक पत्र, रूसी लेखक टाॅलस्टाॅय की कहानियों को भी मारवाड़ी में ईबुक के जरिए पेश कर चुके हैं।

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