मैरिड विमन रिलेशनशिप मे धोखा क्यों देती है

बचपन से ही महिलाओं को मान, मर्यादा और इज्जत के बारे में काफी कुछ बताया जाता है। घर की इज्जत तुम्हारे हाथों में है, लड़की हो लड़की की तरह रहो, जैसी कई सारी बातों से आए दिन उन्हें दो-चार होना पड़ता है। लेकिन अब वक्त बदल चुका है, जरूरतें भी बदली हैं और उसके अनुसार आदतें भी। आज महिलाओं को अपने अच्छे-बुरे की समझ है, वो अपने डिसीजन खुद ले रही हैं। घर के कामकाज से लेकर ऑफिस की फाइलों तक को बाकायदा मैनेज कर रही हैं। फिर उन्हें कमजोर समझना तो बहुत ही गलत है। उन्हें भी रिलेशनशिप को निभाने, जोड़ने-तोड़ने का उतना ही हक है, जितना पुरुषों को। लेकिन देखने में आता है कि बेवफाई के मामले में फिल्मों से लेकर गानों तक में महिलाओं को टारगेट किया जाता रहा है, आखिर ऐसा क्यों....

साल 2012 में जर्नल ऑफ मैरिटल एंड फैमिली थेरेपी के आंकड़े बताते हैं कि लगभग 14 फीसदी शादीशुदा महिलाएं अपने रिलेशनशिप को लेकर सीरियस नहीं थीं, वहीं पुरुषों का प्रतिशत इस मामले में 22 था। महिलाएं जहां पुरुषों को इमोशनली चीट करती हैं, तो पुरुष फिजिकली चीट करते हैं। आज यहां उन मामलों पर गौर करेंगे, जिन कारणों से शादीशुदा महिलाएं बाहर किसी नए रिलेशनशिप की तलाश करती हैं और ज्यादा खुश रहती हैं।

ध्यान न देना
किसी भी रिलेशनशिप में आपसी प्यार और देखभाल की दरकार होती है। इसकी कमी या इसे नजरअंदाज करना पुरुष हो या महिला, दोनों के लिए भारी पड़ सकता है। महिलाओं पर इसके जल्दी और ज्यादा असर होने का कारण उनका इमोशनल स्वभाव होता है। यही वजह है कि महिलाएं तंग आकर अपनी शादीशुदा लाइफ पर ध्यान न देकर बाहर किसी नए रिश्ते की तलाश करने लग जाती है। पतियों को चाहिए कि वो पत्नियों को वही क्वालिटी टाइम दें, जो पहले कभी दिया करते थे। इससे रिश्तों की गहराई बनी रहेगी।

Other Symptoms: बदले की भावना, आपसी संबंध अच्छे न होना, अट्रैक्टिव न होना, फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट, इन्सिक्युरिटी, क्रेडिट न देना, बोरियत।

बदले की भावना
रिश्ते में चीटिंग को आसानी से भूल पाना बहुत ही मुश्किल होता है और खासतौर से तब, जब उससे कोई एक पार्टनर बहुत बुरी तरह हर्ट हुआ हो। ज्यादातर महिलाएं ही इसका शिकार होती हैं। इससे बदले की भावना पैदा होती है और यही भावना उन्हें चीटिंग करने पर मजबूर करती है। वो अपने मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि पुरुषों को अहसास कराने के लिए खासतौर से बाहर किसी नए रिलेशशिप के चक्कर में पड़ती हैं। साथ ही, पुरुषों का स्वभाव होता है कि दो-तीन रिलेशनशिप रखना। इन्हीं सब बातों का असर महिलाओं पर होता है।

आपसी संबंध अच्छे न होना
महिलाएं पुरुषों से बेहतर आपसी संबंधों की चाहत रखती हैं। रात को बिस्तर पर सोने से लेकर सुबह उठने के दौरान ही वो भांप लेती हैं कि पुरुष उनमें कितना इंटरेस्ट ले रहा है। हालांकि, पुरुष संबंधों में आ रही इस तरह की परेशानियों को अपनी बिजी लाइफस्टाइल और उससे होने वाली थकावट से जोड़कर देखते हैं, लेकिन महिलाओं के लिए ये छोटी-छोटी बातें बहुत ज्यादा महत्व रखती हैं। उनके लिए आपसी संबंधों को मधुर बनाने का मतलब रात को एक साथ सोना ही नहीं है। प्यार से थोड़ी-बहुत बातें कर लेना भी उनके लिए बहुत होता है। इन्हीं चीजों की कमी महिलाओं को बाहर नए रिलेशनशिप की तलाश के लिए मजबूर करती है।

अट्रैक्टिव न होना
शादी से पहले और यहां तक कि शादी के कुछ वक्त बाद तक पत्नियों की हर बात चाहे वो सुंदरता की हो, पहनावे की हो, इंटेलिजेंसी की हो, पति को अच्छी लगती है, लेकिन शादी के कुछ वक्त बाद वही चीजें पुरुषों को पुरानी लगने लगती हैं और वो उन पर ध्यान नहीं देते। इससे महिलाओं के अंदर एक हीन भावना आ जाती है कि अब वो उतनी खूबसूरत नहीं रहीं। घर की जिम्मेदारियों से लेकर मां बनने तक का उनका सफर बहुत सारी चीजों को पीछे छोड़ देता है। उनकी बिजी लाइफ में पुरुषों की दखलन्दाजी न के बराबर होती है। उलटे वो बात-बात पर उनके मोटापे, स्ट्रेच मॉर्क्स आदि को लेकर मजाक भी उड़ाते रहते हैं। इससे महिलाएं तंग आ जाती हैं और बाहर ऐसे किसी हमसफर की गूगलिंग करने लग जाती हैं जो उनकी तारीफ करें, उन्हें समझे और उन्हें प्यार करे।

फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट
जब औरतें पति या ब्वॉयफ्रेंड पर फाइनेंशियली डिपेंडेंड होती हैं तो रिश्ते में खुलकर अपने बातों को रखने, अपनी मर्जी की चीजों को कहने की आजादी खत्म हो जाती है। हर वक्त इस बात का डर सताता रहता है कि कहीं कुछ बुरा लग गया तो फिर आगे की जिंदगी कैसे कटेगी। इन्हीं सब बातों से महिलाएं इन्सिक्योर फील करती हैं, जिसे दूर करने के लिए उन्हें बाहर पति के अलावा कोई भी दूसरा नया रिश्ता बनाने में एतराज नहीं होता।

इन्सिक्युरिटी
पर्सनली, इमोशनली और किसी भी अन्य चीज़ों से परेशान महिलाएं बाहर रिलेशनशिप को बुरा नहीं मानतीं। उनकी नजरों में जिससे भी मोरल, फिजिकल सपोर्ट मिले, वो रिश्ता बाकी रिश्तों से बढ़कर होता है। उनका मानना होता है कि इसकी अपेक्षा पतियों से करना बिल्कुल ही बेकार है। इस इन्सिक्युरिटी को दूर कर पाना तो बहुत ही मुश्किल है, लेकिन इस बारे में महिलाओं को यकीन दिलाया जा सकता है कि उनकी सोच में और रियलिटी में काफी फर्क है।

क्रेडिट न देना
घर की मुर्गी दाल बराबर। महिलाएं कितना भी मेकअप कर लें, अपने आप को फिट कर लें, लेकिन पुरुषों को हमेशा दूसरी महिलाएं अट्रैक्ट करने लगती हैं। वो अपनी पत्नियों को किसी प्रकार का कोई क्रेडिट देना पसंद नहीं करते। फिर चाहे वह खाना अच्छा बनाने की बात हो या आपकी टाई की नॉट बांधना। औरतें इन्हीं बातों से खिन्न होकर रिश्ते में चीटिंग पर उतर जाती हैं। समय मिलने पर और वाकई जब अच्छी लग रही हों, तो पुरुषों को उनकी तारीफ जरूर करनी चाहिए। ये आपके लिए ही फायदेमंद साबित होगा।

बोरियत
पुरुषों के ऑफिस से घर आने पर आज खाने में क्या बना है, आज छोटी-सी बात पर बॉस से पंगा हो गया, जैसी बातें महिलाओं को इरिटेट करने लग जाती हैं। उन्हें भी नयापन चाहिए होता है। तो रोज एक ही तरह की लाइफस्टाइल को बाय-बाय कहिए, वरना हो सकता है कि आपकी इस नजरअंदाजी से आपकी बीबी ही आपको बाय-बाय कह दे। कभी डिनर पर बाहर जाएं, मूवी देखें। एक साथ अकेले पुरानी बातों को याद कर कुछ वक्त बिताएं। ये आपको रिफ्रेश करने के साथ ही महिलाओं को भी भावनात्मक रूप से जोड़े रखता है और वो रिलेशनशिप में धोखाधड़ी के बारे में सोचती भी नहीं।
इन सभी बातों का ख्याल रखना बहुत ही जरूरी है, क्योंकि महिलाएं अपने रिश्ते को लेकर बहुत ही सीरियस होती है। उनकी लाइफ किसी एक तक ही सीमित नहीं होती। घर-परिवार, पति-बच्चे उनकी लाइफ में बहुत ज्यादा मायने रखते हैं। इसलिए इनकी कद्र करें, वरना अगर रिश्ते में महिलाएं चीटिंग करती हैं तो डेफिनेटली इसके लिए काफी हद तक पुरुषों को जिम्मेदार ठहाराया जा सकता है।

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