मोबाइल बैटरी चार्ज करते समय ये सावधानियां रखे

मोबाइल बैटरी की लाइफ और बैकअप बढ़ाने के लिए कंपनियां कई प्रयास कर रही हैं। अब कई स्मार्टफोन में 4000mAh पावर वाली दमदार बैटरी आती है, जो कई घंटे का बैकअप देती है। हालांकि, लगातार इस्तेमाल और लंबी बात के दौरान बैटरी अक्सर गर्म होने लगती है और कई बार ये फट भी जाती है। ऐसे में जो यूजर्स मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए बैटरी की लाइफ बढ़ाने और उसे फटने से बचाने के लिए जानकारी होना जरूरी है।

फटने से हादसा होने की बात अब आम हो चुकी है। हालांकि, इसके बाद भी मोबाइल इस्तेमाल करने वाले यूजर्स सावधानी से काम नहीं लेते हैं। बात करने के दौरान, चार्जिंग के दौरान सबसे ज्यादा मोबाइल की बैटरी फटती है। कई मौके पर तो जेब में रखे मोबाइल की बैटरी में भी ब्लास्ट हो जाता है। हालांकि, नई बैटरी कम ब्लास्ट होती है, लेकिन बैटरी पुरानी हो जाए या फिर लोकल हो तो उसके ब्लास्ट होने के चांस बढ़ जाते हैं।

मोबाइल बैटरी ब्लास्ट होने से बचाने के लिए इन टिप्स को फॉलो करें...
> यूजर्स सोते समय मोबाइल को अपने पास नहीं रखें। वो उसे दूर किसी टेबल पर रखें।
> मोबाइल चार्ज पर लगाएं तो ‍ना तो कॉल रिसीव करें और ना कॉल लगाएं।
> बैटरी को पूरा चार्ज नहीं करें, 10 प्रतिशत की गुंजाइश हमेशा रखें।
> कुछ लोग रात से लेकर सुबह तक बैटरी चार्ज करते हैं, ये मोबाइल फटने का बड़ा कारण हो सकता है।
> जिस कंपनी का मोबाइल है, उसी कंपनी के चार्जर का प्रयोग करें। नकली चार्जर का इस्तेमाल तो बिल्कुल नहीं करें।
> जिस कंपनी का मोबाइल हो, उसी कंपनी की बैटरी का प्रयोग करें। सस्ती या लोकल बैटरी खतरनाक होती है।
> मोबाइल को चार्जिंग के वक्त गर्म जगह पर नहीं रखें। ऐसे में वो ओवर हीटिंग की वजह से फट सकता है।

अगर डिवाइस को रखना हो लंबे समय तक बंद :-
अगर आप अपने डिवाइस को लंबे समय तक बंद रखने जा रहे हों तो यह देख लें कि डिवाइस की बैटरी 50 प्रतिशत तक चार्ज है या नहीं। फिर डिवाइस को 32 डिग्री सेल्सियस के नीचे ठंडे तापमान वाली जगह पर रख दें। इस तरह डिवाइस 6 महीने तक चार्ज रह सकता है।

अल्ट्रा फास्ट चार्जर का ना करें इस्तेमाल :-
अल्ट्रा फास्ट चार्जर की मदद से हम डिवाइस को तेजी से चार्ज कर सकते हैं, लेकिन यह बैटरी की उम्र कम कर देता है। इसलिए रेगुलर चार्जर ही इस्तेमाल करें। अल्ट्रा फास्ट चार्जर और पोर्टेबल चार्जर के इस्तेमाल से बैटरी का टॉकटाइम और स्टैंडबाय टाइम भी घटता है।

ना होने दें फुल डिस्चार्ज :-
हमें डिवाइस की बैटरी को 40 से 80 प्रतिशत के बीच में रखना होता है। मतलब डिस्चार्ज बैटरी को पहले 40 प्रतिशत तक चार्ज कर लें और उसके बाद चार्जिंग बंद कर उसे थोड़ी देर बाद फिर 80 प्रतिशत तक चार्ज करें।

नहीं करें ओवर चार्जिंग :-
फोन के फुल चार्ज होने के बाद उसके चार्जर को निकाल दें, उसे अधिक देर तक चार्ज में नहीं लगाए रखें। ओवर चार्जिंग फोन की बैटरी के लिए हानिकारक है कई फोन निर्माता कंपनियों ने एक सीमा तय कर रखी है कि उससे अधिक चार्ज करने पर बैटरी लाइफ प्रभावित होती है।

नकली चार्जर का ना करें इस्तेमाल :-
सस्ते चार्जर फोन की बैटरी को खराब कर सकते हैं साथ ही आपको भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। आपने कई बार अचानक बैटरी के विस्फोट होने की खबरें सुनी होंगी। इस तरह की घटनाओं का कारण नकली चार्जर भी है।

तापमान का रखें ख्याल :-
अगर आप 0 डिग्री सेल्सियस से नीचे या 35 डिग्री सेल्सियस के ऊपर के तापमान पर रहते हैं तो फोन की बैटरी बहुत तेजी से खत्म होने लगती है। इसके अलावा, तेज गर्मी का असर भी डिवाइस पर पड़ता है। इससे डिवाइस गर्म हो जाता है और बैटरी की प्रोडक्टिविटी भी कुछ कम होने लगती है। इसलिए अपने फोन या टैबलेट को सूरज की गर्मी से दूर रखें।

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