10वीं फैल युवक ने बनाया बिना बिजली वाला फ्रिज, दुबई में डिमांड

दसवीं क्लास में फेल होने का मतलब होता है जिंदगी के पहले ही महत्वपूर्ण परीक्षा में शर्मिंदगी का सामना करना। आपके माता-पिता आप पर शर्मिंदा होते हैं, आपके दोस्त, भाई-बहन हर कोई आपके परीक्षा परिणाम का जिक्र करने में शर्मिंदगी का अनुभव करते हैं लेकिन एक परीक्षा अपाके जीवन का फैसला नहीं कर सकती। ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने 10वीं में फेल होने के बाद भी जिंदगी में कुछ बड़ा किया है. मनसुखभाई प्रजापति उनमें से ही एक हैं.

दसवीं में फेल होने के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी पर वे एक ऐसे रचनात्मक आइडिया के साथ जिंदगी का फिर से मुकाबला करने के लिए सामने आए जिसने न सिर्फ उनकी जिंदगी बदल दी बल्कि हम भारतीयों को भी खुद पर गर्व करने का एक अवसर दिया है. मनसुखभाई ने एक ऐसा रेफ्रिजरेटर डिजाइन किया है जो बिना बिजली के काम करता है.

मिट्टी के बर्तनों को हमेशा से पानी को ठंडा रखने के लिए जाना जाता रहा है. मनसुखभाई का मिट्टी के बर्तन बनाने का पारिवारिक व्यवसाय था लेकिन वक्त के साथ बिक्री कम होने के कारण उन्होंने यह कारोबार लगभग छोड़ दिया था लेकिन एक दिन उन्हें यह विचार आया कि अगर मिट्टी के बर्तन पानी को ठंडा कर सकते हैं तो और वस्तुओं को क्यों नहीं. अपने इस विचार को हकीकत में बदलते हुए उन्होंने एक ऐसे फ्रिज का अविष्कार किया जो बिजली से चलने वाले फ्रिज से बेहद कम कीमत का था लेकिन उसी की तरह काम करता है.

मनसुखभाई का यह अविष्कार न सिर्फ भारत में बल्कि दूसरे मुल्कों में भी लोकप्रिय हुए। अफ्रीका और दुबई में इनके इस उत्पाद की भारी मांग है. मनसुखभाई ने अपनी एक कंपनी खोल ली है. उनकी कंपनी का नाम है ‘मिट्टीकूल’ जो बेहद सटीक मालूम पड़ता है.

समय के साथ मिट्टीकूल कंपनी रेफ्रिजरेटर से आगे बढ़ते हुए मिट्टी के कूकर, फिल्टर आदि उत्पाद भी बनाने लगी है. आज मनसुखभाई की मिट्टीकूल कंपनी का सलाना टर्नओवर 45 लाख का है. उनकी कंपनी में आज 35 लोग काम करते हैं.

उनके उत्पाद की सबसे खास बात यह है कि ये इकोफ्रेंडली है. मिट्टीकूल के रेफ्रिजरेटर से पर्यावरण को नुक्सान पहुंचाने वाली सीएफसी गैस का उत्सर्जन भी नहीं होता।

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