मिलिए मात्र 13 की उम्र में बीएससी पास करने वाली इस लड़की से

ये है सुषमा वर्मा। पढ़ाई के मामले में इनसे टक्कर लेने वाला फिलहाल कोई नहीं। महज 7 साल की उम्र में सुषमा ने 59.33 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं की परीक्षा पास कर ली थी। नौ की उम्र में 62 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं पास करने वाली लखनऊ की इस प्रतिभा ने हाल में 66 प्रतिशत अंकों के साथ 13 वर्ष की उम्र में बीएससी की परीक्षा क्लियर कर दिखायी।

दिहाड़ी मजदूर की बेटी सुषमा एमएससी के पहले, दूसरे और चौथे सेमेस्टर में क्लास में पहले स्थान पर रही। सुषमा का औसत सेमेस्टर ग्रेड पॉइंट 8 रहा। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से माइक्रोबायोलॉजी में एमएससी करने वाली सुषमा आने वाले समय में विज्ञान जगत की नयी सितारा बन सकती हैं। कम से कम उनकी अबतक के अकादमिक उपलब्धियां तो यही साबित करती हैं।

5 साल की उम्र में ही सुषमा का दाखिला 9वीं कक्षा में हो गया। उस उम्र में ही वे अपने भाई शैलेंद्र से किताबें मांगकर पढ़ा करती थीं। 2007 में सुषमा का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में, सबसे कम उम्र में 10वीं की परीक्षा पास करने वाली विद्यार्थी के रूप में दर्ज हुआ। तब उनकी उम्र सात साल तीन महीने आठ दिन थी।

3 साल बाद उन्हें 12वीं पास करने के बाद जापान में आइक्यू टेस्ट में शामिल होने का निमंत्रण मिला। इस टेस्ट में 35 साल तक की उम्र के लोग शामिल हुए थे। सुषमा इसमें प्रथम रहीं। सुषमा का सपना डॉक्टर बनने का था। 13 साल की उम्र में उन्होंने उत्तर प्रदेश की कंबाइंड प्री मेडिकल टेस्ट (सीपीएमटी) में बैठीं लेकिन अंडरएज होने के कारण उनके प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं किया गया।

सुषमा इससे निराश नहीं हुईं और लखनऊ विश्वविद्यालय से बॉटनी से बीएससी में दाखिला ले लिया। सुषमा अब एग्रीकल्चर माइक्रोबायोलॉजी में पीएचडी करना चाहती हैं। सुषमा कहती हैं कि लखनऊ के आसपास की जमीन दिन प्रतिदिन बंजर होती जा रही है। मैं कोई ऐसा रास्ता खोजना चाहती हूं जिससे अपने शहर को हरा-भरा कर सकूं।

buttons=(Accept !) days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top