अंधेरी रात में हैवान बन जाता था, लाशों के साथ करता था कुकर्म

नई दिल्ली। 'एक लाश और एक लाइसेंस' ने ऐसे गुनाह से पर्दा उठा दिया जिसे सुनकर इंसानियत शर्मसार हो जाए। रोंगटे खड़े कर देने वाली रविंद्र की हैवानियत निठारी कांड के गुनहगार से कम नहीं आंकी जा सकती। मासूमों को मारकर उनकी लाश से कुकर्म करने वाला मुलजिम रविंद्र ने जो खुलासे किए हैं उसे सुनकर पुलिस भी दंग है। तहकीकात जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, फेहरिस्त उतनी ही लंबी होती जा रही है।

सीरियल रेपिस्ट रविंद्र को बेगमपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह छोटे बच्चे-बच्चियों को ही शिकार बनाता था। अपहरण के बाद दुष्कर्म व कुकर्म की वारदात को अंजाम देने और नाकाम होने पर उनकी हत्या करके लाश के साथ कुकर्म करने से ही उसकी सनक पूरी होती थी। पुलिस का अब इस बात पर फोकस है कि आखिर दिल्ली के अलावा और कितने शहरों में मासूमों को इसने अपना शिकार बनाया।

दिल्ली-एनसीआर के मिसिंग बच्चों की डिटेल भी पुलिस चेक कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी जहां भी जाता था, वहां मासूम को टारगेट बना लेता था। आने वाले दिनों में इसकी संख्या और भी बढ़ सकती है। आरोपी अभी एक हफ्ते की पुलिस रिमांड पर है।

साइको केस
पुलिस के मुताबिक रविंद्र सेक्स के मामले में पूरी तरह साइको हो चुका है। इसकी दरिंदगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह किसी भी बच्चे को टॉफी, चॉकलेट या पैसों का लालच देकर अपने साथ ऐसी जगह ले जाता है जहां उसकी शैतानियत के आगे मासूम की चीख चारदीवारी में दबी रह जाए। यहां मासूम बच्चे से पहले अपनी हवस मिटाने की कोशिश करता है, जब वह नाकाम होता है तो गला दबाकर बच्चे की हत्या करने से गुरेज नहीं करता। रविंद्र से पूछताछ में पता चला कि कुछ मामलों में उसने बच्चों की हत्या करने के बाद उनके साथ दुष्कर्म व कुकर्म किए।

मोबाइल में मिली पॉर्न फिल्म
पुलिस के मुताबिक आरोपी रविंद्र के कब्जे से जो मोबाइल मिला है उनमें ढेरों पॉर्न क्लिप थीं। पूछताछ में उसने कबूल किया है कि वह ब्लू फिल्में देखने का शौकीन है। नशे की लत रहती है। रविंद्र ने बताया कि मोबाइल क्लिप को देखते हुए मासूमों से दरिंदगी करता था। पुलिस इस बात से ताज्जुब है कि रविन्द्र को अपने आसपड़ोस में सीधे-साधे युवक के तौर देखा जाता है। 14 तारीख को बेगमपुर में 6 साल की बच्ची से हैवानियत का मामला सामने आने के बाद पुलिस टीम जब इलाके में ही रहने वाले रविंद्र के घर पहुंची तो वहां लोगों की यकीन नहीं हुआ।

रविंद्र घर से फरार हो चुका था। साउथ ईस्ट जिले में एक सूचना के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि रविंद्र मिजाज से चुपचाप रहने वाला शख्स है। हालांकि लोगों को यह पता था कि वह किसी मामले में हाल ही में जेल से छूटकर बाहर आया है।

अंधेरी रात में काली करतूतें
पुलिस पूछताछ में रविंद्र से पता चला कि ज्यादातर वारदातें रात के अंधेरे में उसने अंजाम दी हैं। शाम ढलते ही या सुबह होने से पहले वह शिकार की तलाश में रहता था। ऐसे टाइम पर जहां लोगों की आवाजाही कम हो जाती थी, वह बच्चों को अपने चंगुल में फंसा लेता था। इसके निशाने पर घर के बाहर अकेले खेल रहे बच्चे व बच्चियां होती थीं। रविंद्र की यह कोशिश होती थी कि वारदात के बाद वह कोई सबूत मौके पर न छोड़े। जिसके चलते वह मुंह दबाकर या गला रेतकर बच्चों को मौत के घाट उतार देता था।

बेगमपुर इलाके में हुई छह साल की बच्ची की हत्या तड़के करीब छह बजे हुई थी। उस समय बच्ची नहर के पास टॉइलट के लिए गई थी। बच्ची को घर से महज 50 मीटर की दूरी पर निर्माणाधीन मकान में ले गया। यहां इसने दरिंदगी की। पुलिस को जब लाश के मिलने की सूचना मिली तो मौका ए वारदात पर सन्नी नाम के शख्स का ड्राइविंग लाइसेंस मिला। जिसके जांच करते हुए पुलिस आरोपी रविंद्र तक जा पहुंची।

मुमकिन है ब्रेन मैपिंग टेस्ट
जरूरत पड़ने पर पुलिस आरोपी रविंद्र का ब्रेन मैपिंग टेस्ट करा सकती है। रविंद्र के कबूलनामे से मासूमों के साथ बेहद डरावनी हकीकत खुलती जा रही है। बाहर से चुप सा रहने वाला रविंद्र का दिमाग इस कदर खौफनाक होगा, यह सोचकर पुलिस भी सन्न है। मासूमों को देखकर साइको होने वाले रविंद्र के बारे में दिल्ली-एनसीआर के अलावा अलीगढ़, बदायूं, गंजडुंडवारा और अन्य शहरों से जानकारी जुटाई जा रही हैं। पुलिस ने बताया कि उसने यूपी पुलिस ने संपर्क साधा है।

Tags

buttons=(Accept !) days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top