Bilaspur University 31 कॉलेजों ने यूनिवर्सिटी के Rules को दरकिनार

बिलासपुर: 31 कॉलेजों ने यूनिवर्सिटी के नियमों को दरकिनार कर 63 अपात्र छात्रों को डीसीए और बीसीए में एडमिशन दे दिया था। यूनिवर्सिटी के पास फार्म आने के बाद कॉलेजों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था और अपात्र छात्रों को परीक्षा देने से रोक लगा दी गई। अपात्र छात्रों को परीक्षा देने और लाभ के चक्कर में कॉलेजों द्वारा की गई गलती पर काॅलेज और एचओडी पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर बिलासपुर यूनिवर्सिटी का छात्र संघ और एनएसयूआई के सदस्य 3 घंटे कुलसचिव के कमरे में धरने पर बैठे रहे। अंत में यूनिवर्सिटी ने इन अपात्र छात्रों दूसरे कोर्स में बिना प्रैक्टिकल के सब्जेक्ट चयन कर प्राइवेट परीक्षा में बैठने का मौका दिया है। साथ ही कॉलेजों पर कार्रवाई करने को लेकर कुलसचिव ने कुलपति और कार्यपरिषद में अनुशंसा करने कहा है।

बिलासपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध 31 कॉलेजों ने डिप्लोमा कोर्स में 63 अपात्र छात्राें को एडमिशन दे दिया है। यूनिवर्सिटी के पास छात्रों के फार्म आने के बाद उनकी आगे की प्रक्रिया पर राेक दी गई है। वहीं यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया। कुछ कॉलेजों ने अपने जवाब में यूनिवर्सिटी से छात्रहित में निर्णय लेने की मांग की। इसके बाद कुछ काॅलेजों ने अपात्र छात्रों को अन्य कोर्स में एडमिशन दे दिया। इसके बाद 37 छात्र बच गए। इधर, यूनिवर्सिटी ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर निर्णय लेने को कहा था।

कमेटी ने इन छात्रों को अपात्र बताते हुए परीक्षा में बैठने से वंचित कर दिया था। इसके बाद मंगलवार को एनएसयूआई के अमितेश राय, तनमीत छाबड़ा, बीयू छात्र संघ के आलिंद मनीष मिश्रा, सौरभ मिश्रा सहित अन्य छात्रों ने कुलसचिव डॉ. इंदू अनंत, सहायक कुलसचिव सीएचएल टंडन, परीक्षा नियंत्रक डाॅ. प्रवीण पाण्डेय और परीक्षा प्रभारी प्रदीप सिंह का घेराव किया।

3 घंटे के घेराव और यूनिवर्सिटी प्रशासन व छात्रसंघों के सदस्यों के बीच नोक-झोक चली। इस बीच यूनिवर्सिटी ने सीएमडी कॉलेज के बीसीए के विभागाध्यक्ष कमलेश जैन और डीएलएस के कर्मचारी को बुलाया। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने अपात्र को एडमिशन देने के बारे में पूछा तो इन कॉलेजों ने गलती स्वीकार की। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रहित में निर्णय लिया और छात्र संघों की मांग के तहत कॉलेजों पर कार्रवाई करने कार्यपरिषद में प्रस्ताव रखने कहा। घेराव में एनएसयूआई से भावेंद्र गंगोत्री, गणेश दाउ, पूनम तिवारी, सोहराब खान और बीयू छात्र संघ से रौनक केसरी, विकास गोरख, राज वर्मा, अंकित तिवारी, शुभम मिश्रा, विकास विश्वकर्मा, गिरजाशंकर, मनोज दास, संजय आदि उपस्थित रहे।

काम करने वाले से ही गलती होती है: डीएलएस
वहीं डीएलएस कॉलेज के भी डीसीए के विभागाध्यक्ष को बुलाया गया था, लेकिन विभागाध्यक्ष की जगह कॉलेज के शिक्षक पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि अपात्र छात्रों को एडमिशन देने में गलती हुई है, जो काम करता है उसी से गलती होती है। अपात्र छात्र को बीकॉम में एडमिशन दे दिया गया है।

20 साल हो गए नौकरी करते और एडमिशन की प्रक्रिया पता नहीं
कॉलेजों द्वारा अपात्र छात्रों को एडमिशन देने पर संबंधित कॉलेजों के विभागाध्यक्ष को यूनिवर्सिटी ने बुलाया। इसमें सीएमडी कॉलेज के बीसीए के विभागाध्यक्ष कमलेश पहुंचे। कुलसचिव डॉ. अनंत ने कहा कि 20 साल हो गए शिक्षा के क्षेत्र में और एडमिशन की प्रक्रिया नहीं पता है। इस पर कमलेश जैन ने गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और दूसरे कोर्स में छात्र को एडमिशन देने की जानकारी दी।


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