दुनिया से लड़ती हूं तो Respect वाला कार्ड सामने रखती हूं: Kangana Ranaut

मुंबई : एक खबर के अनुसार, करण को जवाब देते हुए कंगना ने कहा है कि वह एक महिला पर महिला होने की वजह से उंगली उठा रहे हैं. उनकी यह बात मेरे लिए ही नहीं, सभी महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली है. कंगना ने कहा- अगर करण को लगता है कि उन्होंने मुझे बात कहने का मौका दिया है तो वह जान लें कि मैं पहले भी कई आइकन्स के साथ प्लेटफॉर्म शेयर कर चुकी हूं. और मैं इस शो में 2017 में आई जबकि यह शो 2004 में शुरू हुआ था. करण के शो की टीम लंबे समय से मुझसे डेट मांग रही थी.

कंगना और करण जौहर के बीच जुबानी जंग खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है. करण की बातों पर पलटवार करते हुए कंगना ने अब उनको फिर खरी-खरी सुनाई है. और ये तक कह डाला कि अब करण खुद एक बेटी के पापा हैं तो कोशिश करें कि वह उसे कंगना जैसा ही बनाएं.

वहीं 'वुमन कार्ड' पर कंगना ने कहा कि वह जगह के मुताबिक, अलग-अलग कार्ड प्ले करना जानती हैं. काम के बीच वह Badaass कार्ड प्ले करती हैं ताकि कॉम्पिटिशन में अपनी जगह बनाए रख सकें. जब वह फैमिली के साथ होती हैं तो लव कार्ड यूज करती हैं. जब दुनिया से लड़ती हूं तो सम्मान वाला कार्ड सामने रखती हूं. इसलिए करण को मेरी इस बात से प्रॉब्लम नहीं होनी चाहिए.

कंगना ने करण को इस बात पर भी लताड़ा कि वह फिल्म इंडस्ट्री को उस स्टूडियो जितना छोटा न समझें जो उनके पिता ने उन्हें दिया था. इंडस्ट्री सभी की है और फिल्मों के शौकीन देश में हर भारतीय का इस पर बराबर का हक है. करण को कोई हक नहीं है कि वह मुझे इंडस्ट्री छोड़कर जाने को कहें.

इसी के साथ कंगना ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई करण से नहीं, बल्क‍ि पुरुषवादी मानसिकता से है. इसके साथ ही कंगना इस बात पर भी बरसीं कि उनकी बातों वाला हिस्सा करण जौहर ने एडिट नहीं करवाया. कंगना ने कहा- करण को उस चैनल पर शो करने के पैसे मिलते हैं और हर चैनल TRP चाहता है. ऐसे में अगर मेरे कमेंट्स वाला हिस्सा करण ने हटवाया नहीं तो इसका मकसद मुझ पर एहसान नहीं बल्क‍ि शो और चैनल के लिए नंबर लेकर आना है.

बातों ही बातों में कंगना ने करण को ये नसीहत भी दी कि एक बेटी के पिता होने के नाते वह अपनी बेटी को उनके जैसा बनाएं. कंगना ने कहा- जिन भी वजहों से करण ने मुझ पर आरोप लगाया है, वह सब एक इंडिपेंडेंट वुमन होने की निशानी हैं. अगर करण चाहते हैं कि उनकी बेटी बड़ी होकर सम्मान के साथ सर उठाकर जिए तो वह उसे कंगना की तरह ही बात करना और कहना सिखाएं ताकि उसे कोई परेशान नहीं कर सके.
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