जानिए 'Trapped' के हीरो Rajkummar Rao की कुछ खास बातें

राजकुमार रॉव बॉलीवुड के उन चंद कलाकारों में से एक हैं जिन्‍होंने अपनी पर्सेनैलिटी के हिसाब से अपने आप को बेहद कुशलता के साथ फिल्‍मों अपना एक खास मुकाम बनाया है। आज एक वर्सेटाइल एक्‍टर के तौर पर उनकी जो पहचान बनी है इसके पीछे उनकी कड़ी मेहनत और लगन का हाथ है।  फिल्‍म 'लव सेक्‍स और धोखा' से लेकर फिल्‍म 'शाहिद' की नेशनल अवॉर्ड विनिंग परफार्मेंस तक आने वाले रॉव की कुछ खास बातें। राजकुमार ने अभी छोटा सा सफर तय किया है, पर ये साफ है की वे लंबी रेस के घोड़े हैं और यहां देर तक टिकने आये हैं।

उनके नाम राजकुमार रॉव से अक्‍सर लोग उन्‍हें साउथ इंडियन समझते हैं पर वे उत्‍तर भारत के हरियाण में गुरूग्राम के पास एक छोटे से गांव में पैदा हुए थे। इनका असली नाम राजकुमार यादव है जिसे मां के अंक शास्‍त्र में विश्‍वास के चलते उन्‍होने एक अतिरिक्‍त M लगाने के साथ  Rajkummar Rao कर लिया। फिल्‍म इंडस्‍ट्री के कई कामयाब अभिनेताओं की तरह राजकुमार ने अपनी पढ़ाई बीच में नहीं छोड़ी वे दिल्‍ली युनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं और उसके बाद उन्‍होंने FTII पुणे से एक्‍टिंग का कोर्स भी किया है

बेशक रॉव को पहचान फिल्‍म 'काई पो छे' से मिली पर उनको बॉलीवुड में पहला ब्रेक फिल्‍म 'लव सेक्‍स और धोखा' और 'रागिनी एमएमएस' जैसी फिल्‍मों से मिल। इसीलिए वे आज भी फिल्‍म मेकर एकता कपूर के आभारी है कि उन्‍होंने, उन्‍हें पहला मौका दिया। कम लोगों को पता है कि राजकुमार फिल्‍म निर्माता अनुराग कश्‍यप के बहुत बड़े फैन हैं और इसीलिए फिल्‍म 'गैंग्‍स ऑफ वासेपुर-2' में उन्‍होंने छोटा सा रोल स्‍वीकार किया था। इसी तरह के कारण से उन्‍होंने फिल्‍म 'तलाश' में छोटी सी भूमिका स्‍वीकार की क्‍योंकि वे आमिर खान के भी जबरदस्‍त फैन हैं।

राजकुमार रॉव, पत्रलेखा के नाम से मशहूर एक्‍ट्रेस अन्‍विता पॉल के साथ तीन साल से रिलेशनशिप में हैं। हालाकि दोनों की जान पहचान FTII पुणे में ही हुई थी पर उनके बीच प्‍यार की शुरूआत एक शॉर्ट फिल्‍म की शूटिंग के दौरान हुई। राजकुमार और पत्रलेखा एक साथ फिल्‍म सिटी लाइट में स्‍क्रीन शेयर कर चुके हैं राजकुमार का कहना है कि जब वे क्‍लास टेंथ में थे तभी उनको समझ आ गया था कि वे एक्‍टिंग करना चाहते हैं और आगे चल कर अभिनेता ही बनेंगे। इसीलिए पढ़ाई पूरी करके उन्‍होंने पुणे के एक्‍टिंग स्‍कूल में प्रवेश लिया।

वे कॉलेज के दिनों से ही दिल्‍ली में थियेटर से जुड़ गए थे।हालाकि संघर्ष के दिनों में किसी ने उनको कहा था कि उनकी भंवे बेहद बदसूरत हैं, वे काले हैं और वो हीरो बनने लायक कहीं से नहीं दिखते। पर राजकुमार ने अपनी जिद्द नहीं छोड़ी, और परिणाम आज सबके सामने है।फिल्‍म 'शाहिद' में शानदार अभिनय के लिए राजकुमार को बेस्‍ट एक्‍टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। फिल्‍म 'एनएच 10' के लिए लीड रोल में पहले राजकुमार ही नजर आने वाले थे। बाद में फिल्‍म में नील भूपालम को ले लिया गया था। एक्‍ट्रेस अनुष्‍का शर्मा इस फिल्‍म की प्रोड्यूसर थीं।

राजुकमार ने एक बार कहा था कि नाकामयाबी से उन्‍हें दुख होता है, लेकिन सफलता कभी उनका दिमाग खराब नहीं करती  हालाकि वे स्‍क्रीन में देखने में कुछ छोटे कद के लगते हैं पर उनकी लंबाई ठीक ठाक है, वे 1.78 मीटर लंबे हैं। राजकुमार की फीमेल फैन फॉलोइंग भी जबरदस्‍त है।

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