मुझे उम्मीद है कि ऐसा जरूर होगा : Sachin Tendulkar

मुंबई: मुंबई में आज सचिन तेंदुलकर ने अपने जीवन ‌पर‌ आधारित डॉक्यू-ड्रामा फिल्म ‘सचिन: अ बिलियन ड्रीम्स’ के ट्रेलर को लॉन्च किया. ‘सचिन‌ : अ बिलियन‌ ड्रीम्स’ 26 मई को देशभर में रिलीज होगी. सचिन ने कहा कि आज ट्रेलर लॉन्च के मौके‌ पर उन्हें नर्वस फील हो रहा है, ठीक वैसे ही जैसा कि उन्हें 1990 में पहली सेंचुरी बनाने के बाद होने वाली प्रेंस कॉन्फ्रेंस के दौरान महसूस हुआ था. सचिन ने कहा कि तब उन्हें‌ नहीं‌ पता था कि लोग उनसे क्या पूछेंगे और सब लोग उनसे इसी बारे‌ में बात कर रहे थे. इस मौके पर फिल्म के निर्देशक और निर्माता भी मौजूद थे, जबकि ऑडियंस में पत्नी अंजलि भी बैठी नजर आईं.

सचिन ने ट्रेलर लॉन्च के दौरान एक बेहद रोचक किस्सा सुनाते हुए कहा, ”कुछ दिनों‌ पहले किसी ने मुझसे पूछा था कि मैंने पहली बार कौन-सी‌ फिल्म देखी थी, तो मुझे एक किस्सा याद आया. मैं घर पर था और तब मेरी उम्र महज 3-4 साल थी. उस वक्त मेरे परिवार के सभी‌ लोग धर्मेंद्र की फिल्म‌ ‘मां’ के बारे में ही चर्चा कर रहे थे. आखिरकार वो दिन भी आया जब हम सब फिल्म ‘मां’ देखने जा रहे थे और हम‌ सभी बस से सफर कर रहे थे. जब कंडक्टर ने टिकट के बारे पूछा तो मैंने कहा कि मुझे ‘मां’ फिल्म की टिकट चाहिए! ऐसी ही कुछ बातें जेहन में‌ रह जाती हैं‌ और ऐसे ही कुछ मोमेंट्स हमने इस फिल्म में भी‌ शामिल‌ किए हैं, जो हमेशा आपके साथ रह सकें. मुझे उम्मीद है कि ऐसा जरूर होगा.”

सचिन ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि एक‌ दिन‌ उनके‌ जीवन‌ पर एक फिल्म‌ भी बनेगी. सचिन ने बताया कि यूं तो वो एक‌ प्राइवेट‌ पर्सन‌ हैं, मगर उन्हें लगता कि लोग और उनके फैंस उनके बारे में‌ काफी कुछ जानना चाहते हैं और यह फिल्म‌ उनके निजी जिंदगी‌ के तमाम तरह के पड़ावों‌ को दर्शाती है.

सचिन ने कहा कि अगर क्रिकेटीय जीवन‌ के एक बेहतरीन‌ लम्हें के‌ बारे में उनसे पूछा जाए, तो वो लम्हा 1983 में वर्ल्ड कप क्रिकेट के‌ फाइनल के‌ बाद कपिल देव के हाथों‌ में वर्ल्ड कप ट्रॉफी देखना था और तभी से उनका सपना‌ भी एक दिन वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतना ‌और उसे अपने‌ हाथों से छूना‌ बन गया था.

2011 में‌ वन डे वर्ल्ड कप जीतने की यादों को जज्बातों में‌ पिरोते‌ हुए सचिन‌ ने‌ कहा कि उस लम्हें को वे कभी नहीं भूल‌ सकते हैं. सचिन‌ ने कहा कि फैंस की खुशी का‌ भी‌ कोई‌ ठिकाना नहीं था और पूरी टीम‌ को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम‌ के पास ही स्थित ताज होटल पहुंचने‌ में तकरीबन डेढ़ घंटे का वक्त लग गया था.


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