बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा मामले में हाई कोर्ट का सरकार को नोटिस

मप्र सरकार ने पांच साधु-संतों नर्मदानंद, हरिहरानंद, कम्प्यूटर बाबा, भय्यू महाराज और पं. योगेंद्र महंत को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था।इस मामले में हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने मध्यप्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि उन्हें किस आधार पर यह दर्जा दिया।

इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका रामबहादुर वर्मा ने एडवोकेट गौतम गुप्ता के माध्यम से दायर की। याचिका में सरकार के कदम की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए हैं। कहा है कि प्रदेश की जनता पर पहले से 90 हजार करोड़ का कर्जा है। पांच संतों को राज्यमंत्री का दर्जा देकर सरकार जनता पर कर का बोझ और बढ़ा रही है।सर्वे के मुताबिक राज्य के हर नागरिक पर औसतन 14 हजार रुपए कर्जा है। संतों को राज्यमंत्री का दर्जा देने के साथ ही उन्हें भत्ते व अन्य सुविधाएं भी मिलने लगेंगी। इसका आर्थिक बोझ प्रदेश की जनता पर आएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि राज्यमंत्री का दर्जा देने के लिए किस आधार पर चयन किया गया। जिन संतों को यह दर्जा दिया गया है वे कुछ दिन पहले तक सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
Share on Google Plus

About shelendra

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment