वैमनस्यता की आग बुझाने, RSS कार्यकर्ता ने खुद को जलाया

आज भी जब स्वार्थों की भावना राजनीतिक आधार बन चुकी है ेस्व में राष्ट्रीय भावना के चलते खुद के प्राण न्योछावर कर देना बड़ी और मिसाल कायम करने वाली बात है,जयपुर के आम्रपानी चौराहे पर जो कुछ हुआ वो पूरे देश को झकझोर देने वाला हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वैशालीनगर कार्यवाह ने बीच सड़क पर खुद को आग लगा ली और 'भारत माता की जय' नारे लगाते हुए दौड़ पड़े।

45 वर्षीय रघुवीर शरण अग्रवाल करीब 100 मीटर तक दौड़े। वो 80 प्रतिशत जल गए हैं। बड़ी बात यह है कि उन्होंने यह आत्मघाती प्रदर्शन केवल इसलिए किया क्योंकि सारा देश जल रहा है और शांति की स्थापना के प्रयास नाकाफी हैं। यह घटना उस देश में हुई जहां चुनाव में जीत के लिए राजनेता देश को केक की तरह काटने को तैयार हो रहे हैं। राष्ट्र के प्रति ऐसी संवेदनशीलता का उदाहरण वर्षों बाद नजर आया। बताया जा रहा है कि रघुवीर शरण ने सोशल मीडिया पर चार दिन पहले एक पत्र भी शेयर किया था। हालांकि, इसमें उनका नाम और तारीख नहीं है, लेकिन पत्र में लिखा है कि स्वप्न में मैंने भारत माता की वह करुण चीत्कार सुनी और देखा कि चारों तरफ गिद्ध मंडरा रहे हैं। रविवार सुबह पांच बजे वे अकेले ही वॉक के लिए घर से निकले थे। वे आम्रपाली चौराहे पर पहुंचे और पेट्रोल छिड़ककर खुद को आग लगा ली। इससे पहले घर पर फोन भी किया था। घटनास्थल के पास ही डेयरी चलाने वाले अशोक शर्मा ने बताया कि जलता हुआ शख्स भारत माता के जयकारे लगा रहा था। आसपास के लोगों की मदद से पानी डालकर आग बुझाई। पुलिस को मौके पर पेट्रोल की खाली बोतल मिली है।
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